शिब्ली एकेडमी को मिला 18वां फ्रेंडशिप अवार्ड।
मौलाना आजाद एजुकेशनल सोसायटी द्वारा अवार्ड वितरित।
प्रस्त्रिपत्र एव स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्रम देकर किया सम्मानित।
(मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी आजमगढ़)
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आजमगढ़।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के मौलाना आजाद इंटर कॉलेज अंजान शहीद परिसर में शुक़वार को मिर्जा अहसानुल्लाह बेग एवं स्वर्गीय बाबू राम कुंवर सिंह की स्मृति में 18 वां फ्रेंडशिप अवार्ड शिब्ली एकेडमी को दिया गया।
विद्यालय परिसर पर 104 वीं जयंती पर अहसानुल्लाह हसन बेग की संस्थापक दिवस समारोह एवं हिंदू मुस्लिम एकता के प्रति उनकी मित्रता पर फ्रेंडशिप अवार्ड वितरण समारोह का आयोजन मौलाना आजाद एजुकेशनल सोसायटी द्वारा किया गया। राष्ट्र द्वारा अमृत महोत्सव को कार्यक्रम समर्पित रहा।
और चौरी चौरा के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। जिसमें कॉलेज की छात्र छात्राओं द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गयें। शिब्ली एकेडमी के निदेशक डॉक्टर जफरुल इस्लाम मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे उन्होंने फ्रेंडशिप अवार्ड ग्रहण किया व समस्त अतिथियों को अंगवस्त्रम स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके पूर्व मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। जिसमें कॉलेज के छात्र छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुए देश भक्ति गीत डांडिया नृत्य बसंत गीत आदि गीतों से प्रस्तुति कर समस्त लोगों का मन मोह लिया गया और कॉलेज की बीए की छात्रा पूजा मौर्य को सर्वाधिक अंक के लिए अबरार आजमी गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉक्टर जफरुल इस्लाम ने कहा शिक्षक और डॉक्टर पूरे जीवन थकता नहीं है। मरीज को देखकर जिसे पीड़ा ना हो वह डॉक्टर नहीं है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमने जो मानवीय शक्ति और नैतिकता और सामाजिक मूल्यों का ह्रास जिस तरह से होता जा रहा है और हम अपनी शक्ति को खोते चले जा रहे हैं जो शक्ति हम में होनी चाहिए वह हमें है पर हम उसे पहचान नहीं पा रहे हैं। जिस शक्ति से हम एवरेस्ट को फतह कर सकते हैं। बेटियां व बेटे बाप से पहचाने जाते हैं। हमें उन में ऐसा दायित्व का निर्वहन करना चाहिए कि जो लोग देखकर पहचान ए प्रमुख व्यक्ति की बेटी और बेटा है और ऐसे लोगों को हमें सीख लेनी चाहिए हमें ऐसी पहचान बनानी चाहिए की जो बेटी बेटा पर गर्व करें। महिलाएं जब सशक्त होंगी तो परिवर्तन अवश्य आएगा। दूसरे के घर की बेटी भी मेरी बेटी बन सकती है। बशर्ते हमें वह माहौल देना होगा जिससे परिवर्तन हुआ है। पर यह सब एक छोटा सा संकेत है। परिवर्तन होना चाहिए पैसा ही सब कुछ नहीं है पैसा हमारी मात्र जरूरत है। हमें सोच बदलनी होगी नारी के सशक्त बनाना है तो पुरुष को अपनी सोच बदलनी होगी। अंत में कालेज के प्रबंधक मिर्जा आरिफ बेग ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इसके पूर्व कुंवर सिंह के बड़े पुत्र अजय सिंह द्वारा प्रशस्ति पत्र का वाचन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मिर्जा आरिफ बेग ने की व संचालन सीमा भारती ने किया। इस दौरान अन्य लोगों मे मिर्जा अराफात बैग, डॉ मिर्जा अर्सलान बैग,डाक्टर मुराद बेग,सरफराज नवाज,मिर्जा अनवर वेग,डाक्टर मोहम्मद शाहेदीन,मूसा आदि रहे।
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