Monday, May 24, 2021

अतिक्रमण के नाम पर नरौली पुल के समीप रखी दर्जनों गुमटियों को जेसीबी की मदद से क्षतिग्रस्त कर दिया।

(मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी आजमगढ़)
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रिपोर्ट::सर्वेश पान्डेय बिलरियागंज।

आजमगढ़।
आजमगढ़  जनपद में सोमवार को मुख्यमंत्री के आगमन से पूर्व नगर पालिका प्रशासन ने अतिक्रमण के नाम पर नरौली पुल के समीप रखी दर्जनों गुमटियों को जेसीबी की मदद से क्षतिग्रस्त कर दिया। इतना सही नहीं उन्हें 20 फीट गड्ढे में गिरा दिया, जिसके कारण उनमें रखे सामान पूरी तरह बर्बाद हो गए। बगैर सूचना दिए नगर पालिका प्रशासन की इस कार्रवाई से दर्जनों परिवार के मुंह का निवाला छिन गया है। लॉकडाउन की अवधि में इस कार्यवाही से पीड़ित परिवारों में फांकाकशी की नौबत आ गई है।
सोमवार को जनपद आजमगढ़ में कोरोना संक्रमण के हालात का जायजा लेने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आगमन होना था। जिला मुख्यालय पर पुलिस लाइन से चक्रपानपुर स्थित सुपर फैसिलिटी अस्पताल के निरीक्षण हेतु सीएम का कार्यक्रम प्रस्तावित था। मुख्यमंत्री को सड़क मार्ग से चक्रपानपुर तक जाने की संभावना को देखते हुए अचानक चैतन्य हुआ नगर पालिका प्रशासन अपनी कमियों को छिपाने के लिए आनन-फानन अतिक्रमण हटाओ की कार्रवाई में जुट गया। इसके चलते पूर्वाहन करीब 9 बजे नगर पालिका के कर्मचारी जेसीबी व ट्रैक्टर ट्रालियों के साथ नरौली क्षेत्र का रुख किए। पुल के समीप रोजगार के लिए रखी गई गुमटियों को क्षतिग्रस्त किए जाने के बाद उन्हें लगभग 20 फीट गहरे गड्ढे में ढहा दिया गया। जिसके कारण गुमटियों में रखे सामान पूरी तरह बर्बाद हो गए। इस कार्रवाई की जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे पीड़ित दुकानदार अपनी बर्बादी को देख बदहवास हो गए। आंखों में आंसू लेकर यह दुकानदार अपनी गरीबी के लिए ईश्वर को कोस रहे थे। तमाम पीड़ितों का कहना है कि इस अवधि में वैसे ही व्यापार ठप है ऊपर से इस कार्रवाई के कारण अब परिजनों का पेट कैसे भरेगा इसकी चिंता हमें खाए जा रही है। नगर पालिका प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई की लोग निंदा कर रहे हैं।

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