भोपाल में मिला स्कूल मास्टर का शव।
शव घर पहुंचने से पूर्व पुलिस पब्लिक में भिड़ंत।
पथराव से पुलिस उल्टे पांव भागी,लाठी भांज संभाली स्थिति कोतवाल सहित कई पुलिसकर्मी घायल।
पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में छपरा गांव पहुंची कई थानों की पुलिस फोर्स दो महिला व दो पुरुष को उठाया।
(मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी आजमगढ़)
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आजमगढ़।
सगड़ी जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के छपरा सुल्तानपुर गांव में युवक की मौत सुनकर के गांव के लोग आक्रोशित हो गए और रविवार के दिन 1:30 बजे घोसी अजमतगढ़ मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। जैसे ही जाम कि सूचना जीयनपुर पुलिस को हुई मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने बुझाने का काफी प्रयास किया लेकिन ग्रामीण मानने को तैयार नहीं हुए तो पुलिस और गांव के लोग आमने-सामने आ गए। और भीड़ में से किसी एक युवक द्वारा पुलिस के ऊपर ईट चला दिया गया और देखते ही देेखते जमकर चलने लगें ईट और पत्थर छपरा गांव निवासी धर्मपाल गौड़ पुत्र शंकर गौड़ उम्र 21 साल छपरा सुल्तानपुर गांव में ही एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने का कार्य करता था। गांव वालों का कहना है कि मंगलवार के दिन उस स्कूल के मालिक ने इसको बुलवाया और कहीं बाहर भेज दिया हम लोग खोजते रह गए लेकिन पता नहीं चला। शुक्रवार की शाम को भोपाल मध्य प्रदेश से आनंद सिंह परिहार एसआई ने धर्मपाल की मोबाइल से ही उसके घर पर फोन कर के बताया कि यह लड़का मर चुका है और यह मोबाइल जप्त की जा रही है। आप लोगों को हमारे मोबाइल नंबर पर संपर्क करना होगा। सूचना पाकर के मृतक के पिता शंकर गौड़ रिश्तेदारों और स्कूल के मालिक के साथ मध्य प्रदेश भोपाल पहुंचे और शव का पोस्टमार्टम होने के बाद शव को लेकर के गांव के लिए निकले थे कि गांव वाले आक्रोशित होकर के सड़क पर बैठ गए। सड़क जाम ना हो इसके लिए जीयनपुर कोतवाल हिमेंद्र सिंह और चौकी इंचार्ज इमिलिया भगत सिंह यादव और पुलिस के जवानों ने ग्रामीणों को समझाना चाहा लेकिन ग्रामीण अपने फैसले से टस से मस नहीं हुये। शाम को लगभग 3:00 बजे के बाद जब एंबुलेंस से शव गांव के पास पहुंचा तो पुलिस प्रशासन ने उस एंबुलेंस को वापस कोतवाली भेजवा दिया जिससे गांव के लोग आक्रोशित हो उठे और जब जनता इधर एंबुलेंस के तरफ बढ़ी तो पुलिस भी लाठी डंडा लेकर के और भाजते हुए आगे बढ़ गई। जिससे जनता तितर-बितर तो हुई लेकिन फिर वापस जनता ने ईट पत्थर चलाना चालू कर दिया जिसमें कई लोग घायल भी हुए। जनता के ईट पथ्थर चलाने से पुलिस के लोगों को वापस पीछे घूमना पड़ा। आक्रोशित लोगों ने कई गाड़ियां तोड़ दी और एक पुलिस की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। यहां तक कि मीडिया बन्धु को भी नहीं बख्शा गया। मीडिया वालों की गाड़ियां भी तोड़ दी गई। पुलिस के लाठी चलाने से मृतक की मां पार्वती देवी भी घायल हो गई हैं और एक सोनू पुत्र चंद्रपति घायल हो गए हैं। मृतक दो भाई में छोटा था बड़ा भाई चंद्रशेखर और छोटा भाई धर्मपाल था। धर्मपाल की मृत्यु भोपाल में हो गई। छपरा सुल्तानपुर गांव में ईट पत्थर चलने कि जानकारी जैसे ही पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ सुधीर कुमार सिंह को हुई तत्काल मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल लेकर पहुंच गए और साथ में एसपी ग्रामीण सिद्धार्थ व उपजिलाधिकारी सगड़ी गौरव कुमार सीओ सगड़ी डॉ राजेश तिवारी सहित कई थानों की फोर्स और एक प्लाटून पीएसी के साथ पहुंचे अधिकारियों ने ईट पत्थर चला रहे लोगों के घरों से कई लोगों को उठाया। जिसमें महिला और पुरुष भी शामिल हैं। अभी भी मौके पर पुलिस फोर्स तैनात है। वहीं क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है। वही गांव में फोर्स की मौजूदगी देख गांव के लोग सहमें हुए हैं।
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