Monday, March 1, 2021

50 साल बाद घर पहुंचे उदासीन अखाड़ा के महंत बहन को दान दी पैतृक जमीन।

50 साल बाद घर पहुंचे उदासीन अखाड़ा के महंत बहन को दान दी  पैतृक जमीन।

50 साल बाद परिजनों के बीच पहुंचे उदासीन अखाड़ा के महंत।

(मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी आजमगढ़)
हर खबर पर नजर सच है तो दिखेगी।

आजमगढ़।
सगड़ी तहसील पर 50 साल उपरांत उदासीन अखाड़ा महाराष्ट्र के महंत अपनी  पैतृक क्षेत्र की धरती पर पहुंचे परिजन अपने बीच पाकर हुए प्रफुल्लित वही अपनी पैतृक जमीन महंत ने अपने बहन को दी दान।
जानकारी के अनुसार रामसकल दास जो महाराष्ट्र के सत्य पंचमेश्वर पंचायती उदासीन अखाड़ा के महंत है। महाराष्ट्र( मुंबई) के प्रसिद्ध अखाड़ों में से एक है जिसके विख्यात महंत रामसकल दास जिनके यहां फिल्मी कलाकार व वहां की राजनैतिक हस्तियां उनका आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचती है। सोमवार सगड़ी तहसील पर पहुंच कर अपनी बहन झिनकी देवी को अपनी पैतृक जमीन दान दी। विदित हो 12 वर्ष की अवस्था में रामसकल पुत्र सहदेव निवासी लाला का पूरा देवारा खास राजा गांव के अपने माता पिता के इकलौते पुत्र थे। जिन्होंने ईश्वरीय शक्ति के कारण इनका सांसारिक मोह माया से त्याग देकर सन्यासी जीवन ग्रहण करने के लिए घर छोड़कर निकल दिए। और महाराष्ट्र के गोमुख आश्रम आमला गांव में पहुंचकर गुरु शिष्य की परंपरा को अपनाते हुए हठयोग धारण कर सन्यासी बन गए। जहां वर्तमान समय में अपने गुरु की गद्दी संभालते हुए अखाड़ा बड़ा उदासीन के महंत बन गए। वर्षों प्रांत उनके भांजे रामअचल पटेल निवासी माधव का पूरा मुंबई घूमने के लिए गए हुए थे वहां महंत के दर्शन के उपरांत जानकारी मिली तो अपने घर पर माता झिनकी देवी को बताया जिस पर परिजनों का आना जाना शुरू हुआ तो महंत के मन में अपनी पैतृक जमीन अपनी बहन को देने की इच्छा जागृत हुई। जिस पर सगड़ी तहसील पर पहुंचकर उन्होंने अपनी बहन जिनकी देवी पत्नी सत्यनारायण निवासी माधव का पूरा बेलहिया को जमीन सगड़ी रजिस्ट्री ऑफिस में पहुंचकर दान दी। 50 वर्ष के उपरांत महंत को अपने बीच में पाकर उनके परिजन जहां प्रफुल्लित रहें। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के लोग उनसे आशीर्वाद लेने में लगे रहे जिनमें मुख्य रुप से बेचन पटेल, मल्लन पटेल, लल्लन पटेल, गुलाब, ऋषि मुनि, राम अवध,अनुल पटेल इत्यादि दर्जनों पुरुष व महिलाएं सम्मिलित रहे।

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