रेप पीड़िता के परिजनों से मिलने पहुंचे सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट पवन प्रकाश पाठक ।
एडवोकेट पवन प्रकाश पाठक ने परिवार जनों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
वही परिजनों ने दरोगा की कार्यवाही पर उठाए सवाल।
(मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी आजमगढ़)
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आजमगढ़।
सगड़ी जीयनपुर कोतवाली थाना क्षेत्र के नौशहरा कस्बे में बीते 2 माह पूर्व 8 वर्षीय मासूम बालिका के साथ बगल के ही 20 वर्षीय दानिश नामक युवक ने बहला - फुसला कर अपने टेंट हाउस पर ले जाकर दुष्कर्म किया था। खून से लथपथ बच्ची जब घर पहुंची तो परिजन उसकी हालत देखकर हक्का बक्का रह गए थे।
वही 8 साल के बच्चीं के दादा ने जीयनपुर कोतवाली पहुंचकर घर के बगल के पड़ोसी दानिश के खिलाफ थाने में तहरीर दी थी। पुलिस ने 376/5,ठ व पास्को एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को मुबारकपुर तिराहे के पास एक प्राइवेट क्लीनिक से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
वही मंगलवार को मासूम रेप पीड़िता के परिजनों से मिलने पहुंचे सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट पवन प्रकाश पाठक ने मासूम बच्ची के परिवार जनों का हालचाल जाना और जीयनपुर में हुए इस दुष्कर्म की निंदा की और बताया की इस घटना की सूचना जैसे हमारी टीम को मिली हम यहां पीड़ित परिवार से मिलने के लिए आए हुए हैं। उन्होंने बताया कि हमने पीड़ित बच्ची और उसके परिजनों से मुलाकात की उनसे बातचीत की परिजनों ने बताया कि जीयनपुर कोतवाली में तैनात दरोगा मामले की विवेचना कर रहे हैं। और सबूतों को इकट्ठा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो सबूत इकट्ठे किए गए हैं। उसमें कुछ गलत तरीके से सबूतों को इकट्ठा किया गया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन पर अपने बयान बदलने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। वर्तमान में पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही से परिवार और में स्वयं संतुष्ट नहीं हूं। में पीड़ित परिवार के साथ हूं, और उनकी नि- शुल्क लड़ाई लडूंगा। इस केस में अभी बहुत ही टेक्निकल खामिया हैं। उन्होंने बताया कि हमने बच्ची से मुलाकात करके उससे बातचीत की लेकिन बच्ची अभी भी पूर्ण रूप से स्वस्थ्य नहीं है। वह मानसिक तनाव में है। क्योंकि वह बच्ची बहुत ही छोटी है। किसी भी बच्ची के साथ इस तरह की घटना होती है। वह पूरी जिंदगी मानसिक तनाव में रहती है। इसलिए वह मानसिक रुप से हमेशा तनाव में ना रहे इस संदर्भ में हमें देखने की आवश्यकता है।
इस मामले को हम लोगों ने संज्ञान में लिया है और इससे संबंधित डॉक्यूमेंट हमने मंगवाए हैं जैसे ही डॉक्यूमेंट हम लोगों को मिल जाएगा। फिर इस केस के संदर्भ में आगे की रणनीति तैयार करेंगे। उन्होंने बताया कि अभी तक जिलाधिकारी द्वारा पीड़ित परिवार को ₹50000 की आर्थिक मदद दी गई है। इसके अलावा किसी अन्य प्रकार की मदद अभी नहीं मिल पाई हैं। परिजनों का कहना है कि दोषी को फांसी की सजा हो।
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