(मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी आजमगढ़)
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आजमगढ़।
आजमगढ़ 28 जुलाई-- जिला मजिस्ट्रेट राजेश कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण से बचाव तथा इस संदर्भ में उत्पन्न परिस्थितियों के परिप्रेक्ष्य में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा कतिपय निर्देश जारी करते हुये, इनका अनुपालन सुनिश्चित कराये जाने के निर्देश दिये गये है।
उन्होने बताया कि दिनॉक 24 जुलाई को जनपद में नोवेल कोरोना संक्रमण के पूर्व प्रेषित सैम्पल की जॉच रिपोर्ट आने के उपरान्त जनपद आजमगढ़ के 1-मोहल्ला हरिबंशपुर, नगर पालिका परिषद आजमगढ़, 2-मोहल्ला सिधारी, नगर पालिका परिषद आजमगढ़, 3-प्रहलाद नगर कालोनी, तहसील सदर, 4-राजस्व ग्राम कस्बा फत्तेपुर, तहसील मार्टीनगंज, 5-सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बरदह, तहसील मार्टीनगंज, 6-राजस्व ग्राम बासूपार बनकट, तहसील सगड़ी, 7-राजस्व ग्राम मुखलिसपुर, तहसील बूढ़नपुर, 8-राजस्व ग्राम छतौना, तहसील बूढ़नपुर, 9-लोहिया नगर वार्ड नं0-4, नगर पंचायत अतरौलिया तथा 10-राजस्व ग्राम मित्तूपुर, तहसील फूलपुर में व्यक्तियों के कोविङ-19 से संक्रमित होने की पुटि है।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि कन्टेनमेंट जोन के निर्धारण के सम्बन्ध मे दी गयी व्यवस्था के अनुसार जनपद के 1-डाॅ0 अम्बेडकर लाइब्रेरी के पास, मोहल्ला हरिबंशपुर, नगर पालिका परिषद आजमगढ़, 2-विशाल टाकीज के पास, मोहल्ला सिधारी, नगर पालिका परिषद आजमगढ़, 3-अखिलेश श्रीवास्तव के घर के पास, प्रहलाद नगर कालोनी, राजस्व ग्राम करतालपुर, तहसील सदर, 4-कस्बा मस्जिद के पास, राजस्व ग्राम कस्बा फत्तेपुर, तहसील मार्टीनगंज, 5-आवासीय परिसर, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बरदह, तहसील मार्टीनगंज, 6-अनुसूचित जाति बस्ती, राजस्व ग्राम बासूपार बनकट, तहसील सगड़ी, 7-रामसिंह पूरा, राजस्व ग्राम मुखलिसपुर, तहसील बूढ़नपुर, 8-गोझा पाण्डेय बस्ती, राजस्व ग्राम छतौना, तहसील बूढ़नपुर, 9-हनुमान मन्दिर के आस पास, लोहिया नगर वार्ड नं0-4, नगर पंचायत अतरौलिया तथा 10-हनुमान मन्दिर के सामने वाली गली, मित्तूपुर बाजार, राजस्व ग्राम मित्तूपुर, तहसील फूलपुर का सम्पूर्ण क्षेत्र कंटेनमेंट जोन होगा।
इन क्षेत्रों में कन्टेनमेंट जोन प्रोटोकाल का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। जिसमें कान्टैक्ट ट्रेसिंग, चिकित्साधिकारी द्वारा किये गये रिस्क निर्धारण के आधार पर व्यक्तियों को होम/इन्स्टीच्यूशनल क्वारंटाइन किया जाना। इस हेतु ऑकलन सम्बंधित व्यक्ति के लक्षण, कन्फम्र्ड केस व उनके सम्पर्क की स्थिति तथा यात्रा इतिहास के आधार पर किया जायेगा। SARI (sever Accute Respiratiory Infaction), ILI (Infuenja Like Illnes) या दूसरे लक्षणों (भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा निर्दिष्ट) वाले केसों की जॉच विशेष रूप से गठित टीम द्वारा हाउस टू हाउस सर्विलांस, समस्त केसों का प्रोटोकाल के अनुसार नैदानिक प्रबंध (क्लिनिकल मैनेजमेंट), लोगों की काउन्सिलिंग व उन्हें इस सम्बंध में जागरूक करना एवं इस हेतु संचार प्रबंधन के प्रभावी उपाय करना, कन्टेनमेंट जोन में अत्यधिक सतर्कता बरती जायेगी तथा कड़े नियंत्रण लागू किये जायेंगे। इन क्षेत्रों (कन्टनमेंट जोन) के अन्दर एवं बाहर किसी भी व्यक्ति, वाहन इत्यादि को आवागमन की अनुमति नहीं होगी सिवाय ऐसी स्थिति के जो चिकित्सकीय आपातकालीन स्थिति और आवश्यक वस्तुओं/सेवाओं की आपूर्ति से सम्बंधित हो। इस सम्बंध में भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
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आजमगढ़ 28 जुलाई-- अपर जिला मजिस्ट्रेट प्रशासन नरेन्द्र सिंह ने बताया है कि वर्तमान समय में कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण के बचाव तथा इस संदर्भ में उत्पन्न परिस्थितियों के परिप्रेक्ष्य में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा प्रत्येक शुक्रवार रात्रि 10ः00 बजे से सोमवार प्रातः 5ः00 बजे तक सम्पूर्ण प्रदेश में कतिपय प्रतिबंध लागू करते हुये, इनका अनुपालन सुनिश्चित कराये जाने के निर्देश दिये गये है। दिनॉक 01 अगस्त 2020 को चन्द्रदर्शन के अनुसार इदुज्जुहा (बकरीद) का पर्व, दिनॉक 03 अगस्त 2020 को रक्षबंधन का पर्व, दिनांक 12 अगस्त 2020 को जन्माष्टमी का पर्व, दिनॉक 15 अगस्त 2020 को स्वतंत्रता दिवस का राष्ट्रीय पर्व, दिनांक 30 अगस्त 2020 को चन्द्रदर्शन के अनुसार मोहर्रम का पर्व आयोजित होना है। इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2020 में ही उ0प्र0बीएड प्रवेश परीक्षा, खण्ड शिक्षाधिकारी चयन परीक्षा एवं अन्य परीक्षायें भी शासन द्वारा प्रदत्त निर्देशों के अनुसार आयोजित की जानी है। इन समस्त आयाजनों के दृष्टिगत शासन द्वारा प्रदत्त निर्देशों से यह समाधान हो गया है कि कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण के बचाव तथा कानून व्यवस्था बनाये रखने के दृष्टिगत निर्देशों का अनुपालन जनपद में सुनिश्चित कराये जाने हेतु निवारक कार्यवाही की त्वरित आवश्यकता है।
अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) ने दिनांक 18 जुलाई 2020 के आदेश को संशोधित करते हुए व दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश पारित किया है, यह आदेश दिनांक 27 जुलाई 2020 से जनपद आजमगढ़ की सम्पूर्ण सीमा के अन्तर्गत लागू है।
उन्होने कहा कि सभी प्रकार के धर्मस्थल यथा मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च आदि राज्य सरकार द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का अनुपालन सुनिश्चित करते हुये खोले जा सकते हैं। इन स्थलों पर एक समय में एक साथ 05 से अधिक व्यक्तियों के इकट्ठा होने की अनुमति नहीं होगी तथा इनमें किसी प्रकार के सार्वजनिक आयोजन की अनुमति नहीं होगी। कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के उपायों के दृष्टिगत इदुज्जुहा (बकरीद) के अवसर पर सार्वजनिक स्ािान पर कुरबानी नही की जायेगी। सभी व्यक्ति अपने-अपने घरों में ही त्यौहार मनायेंगे। इस दौरान “02 गज की दूरी, मास्क है जरूरी” का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। पाँच या पॉच से अधिक व्यक्ति न तो सार्वजनिक स्थान पर इकट्ठे होंगे और न ही कोई सभा/सम्मेलन करेंगे। त्योहारों के अवसर पर कोई भी सार्वजनिक आयोजन, जूलूस आदि प्रतिबंधित है। कोई भी व्यक्ति साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने एवं अन्य समुदायों के व्यक्तियों को चिढ़ाने के उद्देश्य से उनके घरों के सामने तथा खुले सार्वजनिक स्थानों पर पशुओं की हड्डियां, खाल व गन्दगी आदि नही फेंकेगा। कोई भी व्यक्ति कंकड़, पत्थर, ईंट, रोड़े, शीशा व बोतलें आदि इकट्ठा नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति त्योहार आदि के बहाने किसी भी व्यक्ति से जबरन चंदा वसूली नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने अथवा कोविड-19 संक्रमण से बचाव के उपायों में बाधा डालने के उद्देश्य से कोई आपत्तिजनक एवं नयी परम्परा प्रारम्भ नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति अपने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष कार्य से धार्मिक त्योहारों एवं कोविड-19 संक्रमण से बचाव के उपायों कुप्रभावित नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति ऐसी कोई तस्व हैण्डबिल या लेख अखबारों में अथवा सोशल मीडिया एप्लीकेशन्स के माध्यम से प्रकाशित/प्रसारित नहीं करेगा और न छापेगा जिससे किसी व्यक्ति या साधारण वर्ग या समुदाय में हिंसा, उत्तेजना या घृणा की भावना उत्पन्न हो, जिससे शांति भंग होने की संभावना हो। किसी भी व्यक्ति द्वारा ऐसा कोई कार्य नहीं किया जायेगा, जो विभिन्न जातियों, धर्मों, समुदायों के मध्य मतभेदों को बढ़ाये या घृणा की भावना पैदा करे या तनाव पैदा करें। कोई भी व्यक्ति किसी भी तरह की कोई अफवाह सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यम से नहीं फैलायेगा। कोई भी व्यक्ति सम्पूर्ण जनपद आजमगढ़ की सीमा के अन्तर्गत ध्वनि विस्तारक यंत्र/डीजे का प्रयोग नहीं करेगा। कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के उपायों के प्रचार-प्रसार हेतु ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम-2000 का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुये इनका उपयोग किया जायेगा। परीक्षा केन्द्रों के आस-पास 100 मीटर की परिधि में और आवश्यकता पड़ने पर उसके बाहर भी केन्द्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक, परीक्षार्थी व ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के अतिरिक्त कोई अन्य व्यक्ति प्रवेश नहीं करेगा तथा परीक्षा तिथि में 100 मीटर की परिधि में और आवश्यकता पड़ने पर उसके बाहर भी फोटो स्टेट/कॉपियर की दुकानें बन्द रहेगी। कोई भी व्यक्ति या परीक्षार्थी किसी भी प्रकार का शस्त्रादि लेकर परीक्षा केन्द्र में प्रवेश नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति अनुचित मुद्रण अथवा प्रकाशन द्वारा परीक्षार्थियों को गुमराह करने का प्रयास नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति परीक्षा केन्द्र परिसर के अंदर सेलुलर फोन, पेजर या अन्य कोई इलेक्ट्रॉनिक वस्तु लेकर प्रवेश नहीं करेगा। परीक्षा केन्द्र के आस-पास ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग तथा परीक्षा परिसर में मोबाईल फोन तथा परीक्षा अवधि में फोटो स्टेट मशीन, पीसीओ, फैक्स व इन्टरनेट या अन्य कोई इलेक्ट्रॉनिक वस्तु का संचालन पूर्णतया प्रतिबन्धित रहेगा।
उन्होने कहा कि यह आदेश जनपद की सम्पूर्ण सीमा के अन्तर्गत तत्काल प्रभाव से लागू होगा। समस्त प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष अपने-अपने थाना क्षेत्र के अन्तर्गत आदेश का प्रभावी माध्यमों के द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार करवायेंगे। समस्त उप जिला मजिस्ट्रेट, जनपद आजमगढ़ अपने-अपने क्षेत्रांतर्गत आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करायेंगे।
चूँकि उपरोक्त आदेश को तत्कालिक प्रभाव से पारित करने की आवश्यकता है और समय की कमी है। अतः यह आदेश एकपक्षीय रूप से पारित किये जा रहे है, यदि कोई व्यक्ति इस आदेश के सम्बन्ध मे आवेदन करना चाहे या छूट या शिथिलता चाहे तो वह जिला मजिस्ट्रेट, अपर जिला मजिस्ट्रेट प्रशासन या सम्बन्धित उप जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन कर सकता है, जिस पर सम्यक् सुनवाई/विचारोपरांत आवेदन के सम्बन्ध मे समुचित आदेश पारित किये जा सकेगें। इस आदेश का उल्लघंन विभिन्न अधिनियमों में दिये गये प्राविधानों के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध के साथ-साथ भारतीय दण्ड संहिता की धारा-188 के अन्तर्गत भी दण्डनीय अपराध होगा। यह आदेश 31 अगस्त 2020 तक अथवा शासन से इस सम्बन्ध में कोई अन्य निर्देश प्राप्त होने तक जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगा।
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